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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं हो रही तो कà¥à¤¯à¤¾ करें जानिठसरल उपाय
बचà¥à¤šà¥‡ की चाहत हर महिला के दिल में होती है लेकिन कई बार बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने के बाद à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने में दिकà¥à¤•त आती है तो à¤à¤¸à¥‡ में महिला को यह जानने की जरà¥à¤°à¤¤ है की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं हो रही तो कà¥à¤¯à¤¾ करें | पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट नहीं होने के बहà¥à¤¤ से कारण हो सकते है | यदि समय पर आप इन कारणों को समà¤à¤•र सही तरह से अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है और अपने खानपान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देती है, तो आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बीच आ रही रूकावट को दूर कर सकती है |
कà¥à¤› महिलाओं को शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती है जो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी न होने का कारण बन सकती है तो à¤à¤¸à¥‡ में परेशान होने की बात नहीं है | आज कई à¤à¤¸à¥‡ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ उपचार है जिसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होकर माठबन सकती है | तो आइये बिना देर किये जानते है पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं हो रही तो कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिठ|
सही उमà¥à¤° में पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें –
अकà¥à¤¸à¤° काम में लगे होने के कारन आजकल शादी की उमà¥à¤° बढ़ती जा रही है | शादी के बाद à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° जोड़े कई साल तक बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤²à¤¾à¤¨ नहीं करते है जो की पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं होने के बड़े कारणों में से à¤à¤• है | Doctars पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लिठसही उमà¥à¤° 18 से 28 को मानते है | इसलिठइन वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के बीच बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकिये गठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ अधिक सफल होते है |
सबसे पहले तो शादी सही उमà¥à¤° में कर लेनी चाहिठऔर यदि आपकी शादी लेट हो रही है तो बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग में गैप नहीं देना चाहिठनहीं तो आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में दिकà¥à¤•त हो सकती है |
पोषक आहार लें
बेबी कंसीव करने के उपाय की शृंखला मे अगला उपाय यह है कि आपको पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिठ| अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर, विटामिन,आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ आहारों को शामिल करना चाहिठ| यदि आप पोषक à¤à¥‹à¤œà¤¨ सही समय पर करती है तो आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 30%तक पहà¥à¤‚च जाती है |
नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठजरà¥à¤°à¥€ है की आपकी बॉडी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहे इसके लिठआपको नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिठ| शरीर को निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से बचाना चाहिठ| सà¥à¤¬à¤¹ सà¥à¤¬à¤¹ वॉक करनी चाहिठऔर शरीर की हलà¥à¤•ी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ करनी चाहिठ| इसके अलावा आप सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग और साइकिलिंग à¤à¥€ कर सकती है यह आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सहायक होती है |
तनाव मà¥à¤•à¥à¤¤ रहें
जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के साथ ही बहà¥à¤¤ सी अनà¥à¤¯ बीमारियों की जड़ तनाव होता है | तनाव की वजह से आपके शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ अनियमित होता है जिसके वजह से आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में रूकावट हो सकती है | इसलिठखà¥à¤¶ रहे आपको कà¥à¤¯à¤¾ अचà¥à¤›à¤¾ लगता है उन कामों को करें और तनाव और चिंता से मà¥à¤•à¥à¤¤ रहें |
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब से दूर रहें
शराब का सेवन आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को घटाता है इसलिठआप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब जैसी चीजों का सेवन करने से बचे | आपके साथ ही आपके पति को à¤à¥€ शराब और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से दूर रहना चाहिठ| इनसे बहà¥à¤¤ से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ आपके शरीर में घà¥à¤²à¤•र शरीर की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को घटाते है |
मोटापे का बढ़ने नहीं दे
जिन महिलओं का वजन अधिक होता है उन महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कंसीव करने में अधिक दिकà¥à¤•त आती है | इसलिठपà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हो इसके लिठआपको संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिठऔर à¤à¤•à¥à¤¸à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते रहना चाहिठजिससे आपका वजन नहीं बढ़ता है और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किसी तरह की रूकावट नहीं आती है |
नियमित सेकà¥à¤¸ करें
जब तक मैदान में नहीं उतरेंगे तब तक आप जीतेंगें कैसे | इसी तरह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठसबसे जरà¥à¤°à¥€ है की आपको अपने पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤° के साथ हर 2 से 3 दिन के अंतराल पर सेकà¥à¤¸ करना चाहिठ| आप जितना अधिक सेकà¥à¤¸ करेंगे आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ उतनी अधिक बढ़ जाà¤à¤—ी |
नियमित माहवारी चकà¥à¤° सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें
महिला के माहवारी का चकà¥à¤° सामानà¥à¤¯ रूप से 28 से 32 दिन के मधà¥à¤¯ होता है | यदि माहवारी इससे अधिक या कम है तो इसका मतलब है की महिला के अंडाशय में अंडे सही तरह से mature नहीं हो पा रहे है |
जिसकी वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में दिकà¥à¤•त आती है | नियमित माहवारी के लिठसही खानपान और शारीरिक सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ होती है | इसके बाद à¤à¥€ माहवारी समय से नहीं हो रहीहै तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤ |
Ovulation के समय का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रख करें पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸
पीरियड से 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले महिला के अंडाशय से अंडा परिपकà¥à¤µ होकर फॉलिकल से अलग होता है और इसके बाद वह फ़ैलोपिन टà¥à¤¯à¥‚ब में जाता है जहाठपर वह 12 से 24 घंटे रà¥à¤•ता है यह समय पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठसबसे सही समय होता है |
आज के समय बहà¥à¤¤ सी मोबाइल à¤à¤ª के माधà¥à¤¯à¤® से आप जान सकती है की Ovulation का समय हà¥à¤† है या नहीं | à¤à¤¸à¥‡ में आप ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ के समय को जानकर सही पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करती है तो आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ अधिक होती है |
यह पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने का उपाय है जो आप सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ कर सकती है लेकिन यदि ये सà¤à¥€ उपाय करने के बाद à¤à¥€ आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट नहीं हो पा रही है तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लेना चाहिठ| à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके कà¥à¤› चेकअप करते है और उसके आधार पर आपको सही उपचार बताते है |
महिलाओं के पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं होने के कई शारीरिक कारण जैसे अंडाशय में à¤à¤— का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं होना, फ़ैलोपिन टà¥à¤¯à¥‚ब में रूकावट होना, निषेचित होने के बाद अंडे का गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दिवार से ना चिपकना, पà¥à¤°à¥à¤· में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं का कम बनना या नहीं बनना | à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ Tretment की सलाह देते है जिससे आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हो पाती है | तो आइये जानते है उनके बारे में –
यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट है | इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में 2 सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ª टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट किया जाता है | यदि महिला के अंडाशय में à¤à¤— का सही तरह से निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं हो रहा है और व फॉलिकल से अलग नहीं हो पा रहे है | पà¥à¤°à¥à¤· साथी में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ कम बन रहे है या वे कम à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ है तो à¤à¤¸à¥‡ में महिला को कà¥à¤› इंजेकà¥à¤¶à¤¨ दिठजाते है | जिससे egg फॉलिकल से सही तरह से अलग हो पाता है |
इसके बाद पà¥à¤°à¥à¤· साथी से शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ़ किया जाता है और उनमें से कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को à¤à¤• सिरिंज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में छोड़े जाते है | इसके बाद की सारी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नेचà¥à¤°à¤² रूप से होती है | इसकी सफलता की दर 10 से 15% होती है | कà¥à¤› मामलों में IUI से सफलता मिल जाती है | लेकिन यदि समसà¥à¤¯à¤¾ किसी और तरह की है तो IVF ही सही उपचार होता है |
निसंतान जोड़ों के लिठIVF ने बचà¥à¤šà¥‡ की चाहत को पूरा करने में बहà¥à¤¤ मदद की है | इस टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अà¤à¥€ तक हजारों लाखो जोड़े अपने बचà¥à¤šà¥‡ की चाहत को पूरा कर पाà¤à¤‚ है | IVF Treatment में पहले जोड़े डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करते है | Ivf treatment की सफलता की दर 35% तक होती है |
इसमें महिला के अंडाशय से अणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ को और पà¥à¤°à¥à¤· के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को लैब में ही à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ में निषेचित करवाया जाता है | निषेचित होने के बाद उस 2 से 3 दिन लैब में रखा जाता है और फिर उसे à¤à¤• सिरिंज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में डाला जाता है | इस तरह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की बहà¥à¤¤ सी जटिलताओं को जैसे फ़ैलोपिन टà¥à¤¯à¥‚ब की रूकावट, अंडो की कमी और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ की कमी को दूर कर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को सफल बनाया जाता
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